पांवटा साहिब में गन्ना की खरीदारी उत्तराखंड के शुगर मिल में शुरू

पांवटा साहिब में गन्ना की खरीदारी उत्तराखंड के शुगर मिल में शुरू

 

पांवटा साहिब में खुले दो गन्ना तौल केंद्र

धान में किसानों की तोड़ी कमर गन्ना की फसल

किसानों को करेगा मालूमात…

 

पांवटा साहिब के अन्नदाताओं के गन्ने की खरीदारी उत्तराखंड के डोईवाला शुगर मिल मैं शुरू हो गई है जिससे क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस लेना शुरू कर दिया है दरअसल पांवटा साहिब में गेहूं | मक्का और गन्ना मुख्य फसलें है और भारी तादाद में यहां पर किसान इन फसलों से अपनी आर्थिक स्थिति सवार है।

 

वही हमारी टीम ग्राउंड जीरो में जाकर दोनों गन्ने तोल केंद्र में अन्नदाता हुआ शुगर मिल के कर्मचारियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि रोजाना 20 से 30 ट्रैक्टर किसान अपने गन्ने के यहां पर लाते हैं यहां से तोलकर शुगर मिल के लिए भेजे जाते हैं उन्होंने कहा कि यहां से तीन ट्रकों में माल उत्तराखंड पहुंचाया जाता है 7 ट्रैक्टरों से एक ट्रक भर जाता है।

 

वही किसानों ने बताया कि पांवटा साहिब में चार गन्ना तौल केंद्र होते थे इस बार दो गन्ना तोल के अंदर बने हैं लेकिन सुविधाएं बहुत अच्छी मिल रही है पिछले वर्ष की भांति इस बार उम्मीद है कि गन्ने की पैदावार भी अधिक हुई है और दाम भी साडे ₹350 पर क्विंटल मिल रहे हैं जिससे किसानों को डायरेक्ट फायदा मिल रहा है पिछले वर्ष से अधिक इस बार गन्ने की खरीदारी होगी ।

 

वही मौके पर किसानों ने बताया कि धान की फसल में किसानों की कमर तोड़ दी थी पिछले वर्ष 80 हजारक्विंटल धान की खरीदारी हुई थी लेकिन इस वर्ष मात्र 18 हजार धान की खरीदारी हुई है ऐसे में किसानों को धान की फसल ने रुला दिया है अब गन्ना ही किसानों की आर्थिक स्थिति को सवार सकता है किसान गन्ने की फसल पर | ही निर्भर है उत्तराखंड और हिमाचल सरकार के तालमेल से इस बार किसानों को बेहतरीन सुविधा मिल रही है और यह किसानों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।

 

किसानों ने बताया कि शुगर मिल के भरोसे ही किसान अपनी गन्ने की फसल पर निर्भर नहीं रहते बल्कि यहां पर दर्जनों गुड की चारखिया बनी हुई है जिनमें किसान अपनी फसलों को बेचते हैं लेकिन शुगर मिल ने किसानों को दाम अच्छे मिलते हैं और चर्खियों में 50 से ₹100 कम पर बेचने पड़ते हैं।

 

वही किसानों ने बताया कि पांवटा साहिब में चार गन्ना तौल केंद्र होते थे इस बार दो गन्ना तोल के अंदर बने हैं लेकिन सुविधाएं बहुत अच्छी मिल रही है पिछले वर्ष की भांति इस बार उम्मीद है कि गन्ने की पैदावार भी अधिक हुई है और दाम भी साडे ₹350 पर क्विंटल मिल रहे हैं जिससे किसानों को डायरेक्ट फायदा मिल रहा है पिछले वर्ष से अधिक इस बार गन्ने की खरीदारी होगी ।

 

वही मौके पर किसानों ने बताया कि धान की फसल में किसानों की कमर तोड़ दी थी पिछले वर्ष 80 हजारक्विंटल धान की खरीदारी हुई थी लेकिन इस वर्ष मात्र 18 हजार धान की खरीदारी हुई है ऐसे में किसानों को धान की फसल ने रुला दिया है अब गन्ना ही किसानों की आर्थिक स्थिति को सवार सकता है किसान गन्ने की फसल पर | ही निर्भर है उत्तराखंड और हिमाचल सरकार के तालमेल से इस बार किसानों को बेहतरीन सुविधा मिल रही है और यह किसानों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।

 

किसानों ने बताया कि शुगर मिल के भरोसे ही किसान अपनी गन्ने की फसल पर निर्भर नहीं रहते बल्कि यहां पर दर्जनों गुड की चारखिया बनी हुई है जिनमें किसान अपनी फसलों को बेचते हैं लेकिन शुगर मिल ने किसानों को दाम अच्छे मिलते हैं और चर्खियों में 50 से ₹100 कम पर बेचने पड़ते हैं।

 

बता दें कि पांवटा साहिब में एक हजार हेक्टेयर भूमि पर गन्ने का उत्पादन होता है। इलाके के 1200 के करीब किसान गन्ने की खेती से जुड़े हैं। इस इलाके में चार लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन होता है। डोईवाला शुगर मिल ने पांवटा साहिब से एक लाख क्विंटल गन्ना खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दो ही खरीद केंद्र व तोल कांटे स्थापित किए गए हैं।

 

गौरतलब है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत अक्टूबर माह में भगानी में इस बार पांवटा साहिब में चार गन्ना तोल खरीद केंद्र स्थापित करने का आश्वासन दिया था। अब तक केवल दो गन्ना तोल केंद्र ही स्थापित हो सके हैं, जिनसे अब तक 4,000 क्विंटल गन्ने की खरीद की गई है। किसान हर साल शुगर कैन ग्रोवर सोसायटी बद्रीपुर और शाकुंभरी सोसायटी खोड़ोंवाला के माध्यम से उत्तराखंड शुगर मिल को आपूर्ति करते रहे हैं।

 

बाईट किसान

 

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