Haryana Political Crisis: ‘मोदी काल’ में मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवाने वाले सातवें सीएम बने मनोहर लाल खट्टर, एक की तो तीन दिन में छिन गई थी कुर्सी

Haryana Political Crisis: ‘मोदी काल’ में मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवाने वाले सातवें सीएम बने मनोहर लाल खट्टर, एक की तो तीन दिन में छिन गई थी कुर्सी

Haryana Politics: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले हरियाणा की राजनीति में उथल पुथल मच गई. बीजेपी जेजेपी गठबंधन टूटने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

Haryana Political Crisis: लोकसभा चुनाव 2024 में 370 प्लस सीटें जीतने के टारगेट के साथ चल रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को उस वक्त करारा झटका लगा जब हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (जेजपी) और बीजेपी का गठबंधन टूट गया और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत पूरी कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया. हालांकि कहा ये जा रहा है कि अब नए सिरे से सरकार का गठन किया जाएगा.

वहीं, मोदी काल में मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवाने वाले मनोहर लाल खट्टर सातवें सीएम बन गए. उनसे पहले 6 ऐसे मुख्यमंत्री रह चुके हैं जो नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान अपना पद गंवा चुके. इनमें से एक मुख्यमंत्री तो ऐसे रहे जिन्हें सिर्फ तीन दिनों के अंदर ही अपना पद छोड़ना पड़ गया था. आइए नजर डालते हैं इन नेताओं पर.

त्रिवेंद्र सिंह रावत

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत 18 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री बने, लेकिन कार्यकाल पूरा न कर सके. त्रिवेंद्र सिंह रावत को 10 मार्च 2021 को 3 साल 357 दिन का समय ही मिला और फिर बीजेपी ने तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बना दिया.

तीरथ सिंह रावत

तीरथ सिंह रावत भी अपना कार्यकाल पूरा न कर सके और चुनावों के पहले ही उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी. तीरथ सिंह रावत सीएम की कुर्सी पर महज 116 दिन ही बैठे, उनके बाद पार्टी ने पुष्कर सिंह धामी को सीएम बना दिया.

आनंदी बेन पटेल

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आनंदीबेन पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया. हालांकि वो इस पद पर ज्यादा दिन नहीं रहीं और 2 साल 77 दिनों के कार्यकाल के बाद उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी. उनके बाद पार्टी ने विजय रूपाणी को सीएम बनाया.

विजय रूपाणी

रूपाणी के नेतृत्व में बीजेपी ने गुजरात की 14वीं विधानसभा का चुनाव जीता, लेकिन रूपाणी इस विधानसभा का कार्यकाल पूरा न कर सके और उन्हें सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी. हालांकि 13वीं और 14वीं विधानसभा का कार्यकाल मिलाकर उन्होंने कुल 5 साल और 37 दिन का समय सीएम की कुर्सी पर बिताया. उनके बाद बीजेपी ने भूपेंद्र पटेल को

सीएम बनाया.

बीएस येदियुरप्पा

मोदी काल में बीजेपी के एक मुख्यमंत्री का कार्यकाल तो महज तीन दिन का रहा. कर्नाटक में साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद बीजेपी ने बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाया और उनका कार्यकाल महज तीन दिन में ही खत्म हो गया. उसके बाद जनता दल के एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने. हालांकि कर्नाटक की 15वीं विधानसभा में कुमारस्वामी भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए.

हाथ से सत्ता जाने के 1 साल 61 दिन बाद फिर से येदियुरप्पा कर्नाटक की 15वीं विधानसभा में मुख्यमंत्री चुने गए, लेकिन इस बार भी वो इस कुर्सी पर 2 साल 2 दिन ही बैठ सके. 15वीं विधानसभा का कार्यकाल अभी बाकी था, लेकिन येदियुरप्पा को सीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी और फिर बीजेपी ने बसवाराज बोम्मई को सीएम बनाया जो 15वीं विधानसभा के कार्यकाल खत्म होने तक मुख्यमंत्री रहे.

देवेंद्र फडणवीस

बीजेपी ने 2014 में महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव जीता और देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया. फडणवीस ने ये कार्यकाल तो पूरा कर लिया, लेकिन उनकी सोच के मुताबिक उन्हें अगला कार्यकाल नहीं मिला. 2019 के नवंबर में उन्होंने आनन-फानन में सीएम पद की शपथ ली और महज पांच दिनों में ही उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी. उनके बाद उद्धव ठाकरे कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बन गए.