Himachal Budget 2024: आर्थिक संकट से जूझते हिमाचल में कर्मचारियों को खुश करना चुनौती

Himachal Budget 2024: आर्थिक संकट से जूझते हिमाचल में कर्मचारियों को खुश करना चुनौती

कर्मचारी वर्ग को सीएम सुखविंद्र सिंह सुुक्खू के कार्यकाल के इस दूसरे बजट से बहुत उम्मीदें हैं। हिमाचल प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 17 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश करने जा रहे हैं। कर्मचारी वर्ग को उनके कार्यकाल के इस दूसरे बजट से बहुत उम्मीदें हैं। हिमाचल प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। सामने लोकसभा चुनाव हैं तो मुख्यमंत्री सुक्खू के समक्ष स्वाभाविक रूप से हर वर्ग को खुश करने की चुनौती है। ऐसे में कर्मचारियों की कई लंबित मांगें इस बजट में पूरी की जा सकती हैं। राज्य में नियमित कर्मचारी करीब दो लाख हैं, जबकि लगभग डेढ़ लाख पेंशनर्स हैं। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक जुलाई 2022 से चार प्रतिशत, एक जनवरी 2023 से भी चार प्रतिशत और एक जुलाई 2023 से फिर चार प्रतिशत महंगाई भत्ता लंबित है।

दूसरे बजट में मुख्यमंत्री सुक्खू चार फीसदी या इससे अधिक महंगाई भत्ता जारी करने का एलान कर सकते हैं। इसके अलावा राज्य के कर्मचारियों को नए वेतनमान का एरियर भी देना है। नया वेतन पिछली जयराम सरकार के कार्यकाल में देना शुरू किया गया था। कर्मचारियों को नए वेतनमान का लाभ देने की अधिसूचना जयराम सरकार के कार्यकाल में 3 जनवरी 2022 को लागू की गई थी। कर्मचारियों को पूरे एरियर का भुगतान करने के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ेगा। सुक्खू सरकार इसकी एक किस्त देने का प्रयास कर रही है। एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों को नियमितीकरण की उम्मीद है

हर बार की तरह ही अस्थायी कामगारों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा वर्कराें, मिड डे मील वर्करों, जलरक्षकों, पैरा फिटरों, पंप आपरेटरों, दिहाड़ीदारों, आउटसोर्स कर्मियों, पंचायत, राजस्व, चौकीदारों, सिलाई अध्यापिकाओं सहित विभिन्न वर्गों का मानदेय बढ़ाया जा सकता है। बिजली बोर्ड के कर्मियों को ओपीएस बहाली की उम्मीद है। सभी सरकारी विभागों, निगमों-बोर्डों आदि में पुरानी पेंशन बहाल हुई है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के चिकित्सा बिलों के भुगतान की घोषणा भी संभावित है।

महंगाई भत्ते की उम्मीदनए बजट में कर्मचारियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री महंगाई भत्ता जारी करने की घोषणा करेंगे। वह नए वेतनमान का एरियर भी जारी करने का भी एलान कर सकते हैं।– संजीव शर्मा, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी संगठन, शिमला

लंबित एरियर की है आस
बजट से उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का भुगतान करेंगे और कर्मचारियों के लंबित एरियर को भी जारी करेंगे। कर्मचारियों की फिलहाल यही मांगें हैं।
– त्रिलोक ठाकुर, हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित महासंघ (त्रिलोक गुट) के प्रदेशाध्यक्ष, शिमला।

डीए और एरियर की मांग
बजट से उम्मीद है कि कर्मचारियों के लिए कुछ अच्छा होगा। उन्हें डीए मिलेगा और एरियर बहाल होगा। मेडिकल बिल और टीए बिल का भुगतान कर रहे है। अस्थायी कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनेगी।– प्रदीप ठाकुर, हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (प्रदीप गुट) के प्रदेशाध्यक्ष, शिमला।

कर्मचारियों के 9000 करोड़ रुपये जल्द वापस करे सरकार
नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने एनएसडीएल के पास कर्मचारियों के जमा 9000 करोड़ रुपये को वापस करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। महासंघ ने उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को इस संबंध में ज्ञापन भेजा। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में प्रदेश सरकार ने पुरानी पेंशन बहाल करके नेक कार्य किया है। लेकिन पुरानी पेंशन बहाली के पश्चात केंद्र सरकार के अधीन एनएसडीएल के पास 9000 करोड़ रुपये प्रदेश के कर्मचारियों और प्रदेश सरकार का शेष है, जिसे वापस नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी केंद्र सरकार को इस विषय में पत्र लिखा गया था लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्य नहीं हो पाया है
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर भी इस विषय को रखा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर प्रदेश सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा है, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया है। हाल ही में राज्य स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया था कि सभी जिला कार्यकारिणी की ओर से उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा जाएगा। इसलिए ज्ञापन भेजा गया। उन्होंने कहा कि जल्द यदि यह पैसा वापस नहीं आता तो बड़े आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। जिला अध्यक्ष लेखराज ने कहा कि उपायुक्त मंडी का स्वागत भी जिला मंडी में किया गया तथा उनके माध्यम से जो ज्ञापन भेजे गए हैं। यदि यह पैसा जल्द नहीं मिलता तो राज्य कार्यकारिणी के जो आदेश होंगे उसी तरह जिला मंडी में भी कर्मचारी संघर्ष के लिए तैयार हैं। इस मौके पर राज्य सलाहकार कन्हैया राम सैनी, रजनीश ठाकुर, वीरेंद्र ठाकुर, होशियार सिंह, हंसराज शर्मा, विक्रांत शर्मा, सुरेश ठाकुर, भूप सिंह, पंकज शर्मा तथा कश्मीर सिंह इत्यादि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पेंशनर कुनिहार में 15 को निकालेंगे रोष रैली
भारतीय राज्य पेंशन कर्मचारी महासंघ इकाई कुनिहार के पदाधिकारियों की बैठक निजी होटल हाटकोट कुनिहार में हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष आरपी जोशी की अध्यक्षता में की गई। आरपी जोशी ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 2016 से बकाया राशि, 12 प्रतिशत डीए और मेडिकल के बिलों का भुगतान न किए जाने के संदर्भ में15 फरवरी को तालाब कुनिहार में समस्त विभागों के पेंशन कर्मचारियों की बैठक होगी। इसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी। बैठक में भारतीय राज्य पेंशन कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश के उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा भी उपस्थित रहेंगे। इसी दिन हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ एक आक्रोश रैली तालाब कुनिहार से नए बस अड्डा हाटकोट तक निकाली जाएगी।