Lok Sabha Election: कांग्रेस के अयोग्य करार विधायकों के क्षेत्रों में अब दूसरी पंक्ति के नेताओं पर दारोमदार

Lok Sabha Election: कांग्रेस के अयोग्य करार विधायकों के क्षेत्रों में अब दूसरी पंक्ति के नेताओं पर दारोमदार

प्रदेश में अयोग्य घोषित छह विधायकों के क्षेत्रों में कांग्रेस को लीड दिलाने का दारोमदार अब दूसरी पंक्ति के नेताओं पर आ गया है।

हिमाचल प्रदेश में अयोग्य घोषित छह विधायकों के क्षेत्रों में कांग्रेस को लीड दिलाने का दारोमदार अब दूसरी पंक्ति के नेताओं पर आ गया है। धर्मशाला, सुजानपुर, गगरेट, कुटलैहड़़, लाहौल-स्पीति और बड़सर विधानसभा क्षेत्र ने कांग्रेस की परेशानियां को और बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में चार विधानसभा क्षेत्रों सुजानपुर, गगरेट, कुटलैहड़़ और बड़सर के कांग्रेस विधायक बागी हुए हैं।

कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से भी दो विधायक अब सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के साथ नहीं हैं। 14 माह तक सरकार के साथ चलने वाले नालागढ़, हमीरपुर और देहरा के तीन निर्दलीय विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी और सरकार को अब प्रदेश के नौ विधानसभा क्षेत्रों में नये सिरे से रणनीति बनाकर दमखम दिखाना होगा।

धर्मशाला में सुधीर शर्मा, सुजानपुर में राजेंद्र राणा, बड़सर में इंद्र दत्त लखनपाल, गगरेट में चैतन्य शर्मा, लाहौल-स्पीति में रवि ठाकुर और कुटलैहड़ में देवेंद्र भुट्टो बीते माह तक कांग्रेस के विधायक थे। नालागढ़ से निर्दलीय केएल ठाकुर, देहरा से होशियार सिंह और हमीरपुर से आशीष शर्मा भी 14 माह तक कांग्रेस के कंधे से कंधा मिलकर चल रहे थे।
कांग्रेस के छह विधायकों को बजट पारित करने के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया है। तीन निर्दलीय विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। ऐसे में अब कांग्रेस को प्रदेश के इन नौ क्षेत्रों में नये विकल्प तैयार करते हुए अपनी चुनावी रणनीति बनानी होगी।

अयोग्य घोषित छह विधायकों के समर्थकों की जगह संगठन में नये सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी तलाशने होंगे। शनिवार को चुनाव आचार संहिता लगने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा चुनाव को मजबूती से लड़ने के लिए इन नौ विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को अपने दूसरी पंक्ति के नेताओं को जल्द ही कमान भी सौंपनी होगी।