Nh 707 शिलाई-सतौन पर रात को दिखा तेंदुआ… दोपहिया वाहन चलाना सुरक्षित नहीं

रात्रि के समय एनएच-707 टिक्कर गांव से सतौन के बीच यदि कोई बाइक से आता-जाता है तो वह कदापि सुरक्षित नहीं है। इन दिनों एक तेंदुए ने दहशत फैला रखी है। बीते तीन महीनों से तेंदुआ रात्रि में सडक़ पर बेखौफ चलता देखा गया है। कई बार वाहनों की आवाजाही के वक्त सडक़ में मस्ती के साथ चलता रहता है। रात के समय वाहन चालक को यदि वह तेंदुआ मिल जाए तो वह भागने के वजाय सडक़ में लंबे समय तक खड़ा रहता है। बंद बॉडी की गाड़ी में तो वाहन चालक शीशे बंद कर लेता है, लेकिन दोपहिा वाहन चालक को हर समय खतरा बना रहता है। शनिवार सुबह करीब चार बजे ग्वाली निवासी वीरेंद्र कश्मीरी अपनी बाइक से वाया शिलाई होते विकासनगर जा रहा था। जैसे ही उत्तरी गांव के समीप पहुंचा तो सडक़ के उपर से उसे आने की आहट हुई।

 

बाइक रोक कर उसने देखा कि सुनसान सडक़ के ऊपरी किनारे पर मोड़ पर पत्थर के पीछे तेंदुआ घात लगाकर बैठा था। करीब 50-60 गज की दूरी बीच में रही थी कि वीरेंद्र ने बाइक रोक दी तथा खड़ी गाड़ी में हॉर्न देकर जोर से एक्सीलेटर दिया तो तेंदुआ एकदम खड़ा हुआ। वीरान जगह पर तेंदुआ आक्रमण के लिए तैयार था कि वीरेंद्र नीचे उतरा तथा हाथ में पत्थर उठा लिए। तेंदुआ खड़ा हो गया और आगे की ओर चलता रहा।