Paonta sahib: डीएसपी ने लोगों को साइबर क्राइम से सतर्क रहने के लिए किया जागरूक

फेसबुक फ्रेंड को सोच समझ कर कंफर्म करें

 

फेसबुक पर अंजान लोगों के साथ हुई मित्रता आपको नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए आप फेसबुक पर आई किसी भी अंजान की फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। ऐसी रिक्वेस्ट भेजने वाले लोग साइबर क्रिमिनल हो सकते हैं जो आपको फाइनांशियल नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह संदेश पांवटा साहिब के डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर ने दिव्य हिमाचल से बातचीत करते हुए दिया। उन्होंने अखबार के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। उन्होंने दिव्य हिमाचल के माध्यम से एक स्टोरी सांझा करते हुए कहा कि एक युवक को एक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उस युवक ने रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया। दोनों के बीच चैटिंग शुरू हो गई। कुछ सप्ताह बाद उस महिला ने बताया कि उसकी मां का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उसके इलाज के लिए उसे 55 हजार रुपए की सख्त जरूरत है। उसकी बातों में आकर उस युवक ने उसे वह रकम खाते में भिजवा दी, मगर उसके बाद उस महिला का खाता ही बंद हो गया। ऐसे मामलों की संख्या हजारों में है जिनमें साइबर क्रिमिनलों ने लडक़ी अथवा महिला बनकर हनी ट्रैप लगाया। इसमें वह कई लोगों के साथ लाखों की धोखाधड़ी कर चुके हैं। यह लोग फेसबुक, व्हाट्स ऐप तथा अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपने शिकार पर नजरें लगाए रहते हैं।

 

कुछ दिन अथवा कुछ सप्ताह चिकनी चुपड़ी बातें करने के बाद वह साइबर क्रिमिनल अपने शिकार को इमोशनली ब्लैकमेल करके अपने बैंक अकाउंट में रुपए जमा करवाने के लिए मजबूर करते हैं। इसके लिए वह आपकी आवाज व वीडियो रिकार्डिंग का सहारा भी लेते हैं। इसलिए आम लोगों से अपील है कि ऐसे अंजान लोगों से बचें और उनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। उन्होंने दिव्य हिमाचल से बातचीत करते हुए कहा कि विदेशी लडक़ी की फोटो लगी किसी अंजान आईडी से दोस्ती करना सबसे अधिक खतरनाक है। ठग किसी भी विदेशी लडक़ी की प्रोफाइल में फोटो लगाकर लोगों को अपने प्यार के जाल में फंसते हैं फिर उनसे पैसा निकलवाते हैं। इसमें ठग आपकी कुछ पर्सनल फोटो का भी गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए अंजान फ्रेंड रिक्वेस्ट को जांचे परखे बिना एकदम से कन्फर्म न करें। यही नहीं रिटायर्ड लोग या अधेड़ उम्र के लोग भी इस जाल में फंस जाते हैं। डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर ने कहा कि साइबर फ्रॉड होने पर पीडि़त अपने इलाके के थाने में भी शिकायत दर्ज करवा सकता है। हर जिले में साइबर यूनिट बनी हुई है। एफबी पर जाकर शिकायत कर सकते हैं। फर्जी प्रोफाइल को ब्लॉक भी कर सकते हैं।