Paonta sahib: यमुना मां ने अपना रूख बदलकर दूसरी ओर किया श्रद्धालु मायूस

पांवटा साहिब में सदियों से बह रही यमुना नदी का अपना एक महत्त्व है। यहां प्रतिदिन सुबह व शाम मां यमुना की आरती की जाती है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से यमुना मां ने अपना रूख बदलकर दूसरी ओर कर लिया है। जिसके कारण हनुमान राधा कृष्ण मंदिर व यमुना मां की आरती करने में पंडितों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। जिसको लेकर पांवटा के लोगों ने प्रशासन से इस नदी के बहाव को युमना तट की ओर करने के लिए अपील की है। बता दें कि यमुना नदी में यमुनाघाट के पास नदी का रूख बदल गया है, जिस कारण यमुनाघाट के पास पानी सूख गया है। हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड राज्य को जोडऩे वाली यमुना नदी का रूख पांवटा साहिब के यमुनाघाट के पास बदल गया है। यमुनाघाट के पास लोग दूर-दूर से स्नान करने के लिए आते हैं तथा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं।

 

इसके अलावा पांवटा साहिब में गुरु गोविंद सिंह जी का प्रसिद्ध गुरुद्वारा है तथा यहां पर कई राज्य के श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं और उसके बाद यमुनाघाट में स्नान करते हैं, लेकिन इस बार यमुना नदी ने यमुनाघाट के पास पानी का रूख बदल दिया है जहां पर पहले 10 से 15 फुट गहरा पानी होता था वहां पर पानी सूख गया है। यमुना नदी का रूख बदलने से कई श्रद्धालु मायूस हैं, क्योंकि यमुनाघाट पर अब स्नान करने के लिए भी पानी नहीं रहा है। कई लोगों का यह भी मानना है कि मां यमुना व गुरु गोविंद सिंह जी का भी आपस में रिश्ता जुड़ा हुआ था। बताते हैं कि जब श्री गुरु गोविंद सिंह जी कवि दरबार लगाते थे तो उस समय यमुना नदी की बहुत तेज आवाज आती थी तो गुरु गोविंद सिंह जी ने मां यमुना से शांत रहने का आग्रह किया था। उसके बाद से गुरुद्वारा साहिब के सामने से नदी बिल्कुल शांत बहती है, जबकि गुरुद्वारा साहिब से कुछ दूरी पर दोनों तरफ यमुना नदी के बहाव की बहुत तेज आवाज आती है।